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Oct 18, 2014

KUSHTI कुश्ती: Indian Wrestling at Harkesh Nagar Dangal by Neeraj Pahlwan

By Deepak Ansuia Prasad








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हरकेश नगर दंगल - सौजन्य से नीरज पहलवान
हरकेश नगर गाँव के सहयोग से नीरज भड़ाना ने कराया आज शानदार दंगल। छुट्टी की पहली कुश्ती हुई भारत केसरी पहलवान विक्रम और बिरजू के बीच। दर्शकों के कौतहूल और शोर शराबे में हुई कांटेदार कुश्ती। हरकेश नगर और दूर दराज के लोगों में बढ़ा कुश्ती के प्रति लगाव । युवा और तेज तर्रार भारतीय जनता पार्टी के नेता जो क्षेत्र के सांसद हैं , रमेश बिधूड़ी जी ने कराया बिरजू और विक्रम की कुश्ती का उदघाटन। दोनों पहलवानो ने दिखाई जोरदार दमकशी और कुश्ती कला का शानदार प्रदर्शन। वहीँ नीरज भड़ाना जो की स्वयं शानदार पहलवान हैं , उन्होंने भारी भरकम पहलवान को ईरानी ( एकटंगी) डाल के चित्त किया तो लोगों के शोर और तालियों से आसमान गूँज उठा। वहीँ ललित पहलवान ने अपने प्रतिद्वंदी को नरघुटनी पे आसमान दिखाया। आज़ाद पहलवान ने सेकंडों में चित्त किया पहलवान और इनाम और वाही वाही बटोरी। अनेकों कुश्तियों में बाल पहलवानो व् बड़े पहलवानो ने बाँधा कुश्ती का समां। कुल मिला कर कुश्ती दंगल रहा शानदार ,भाई नीरज भड़ाना ने दंगल बेटरीन कराया। लीलू पहलवान , शीश पाल पहलवान , रूपी पहलवान , सुभाष पहलवान , सही राम पहलवान , हर्ष, विक्रम विधूड़ी और गण मान्य ब्यक्तियों की सर परस्ती में कुश्तियों का उदघाटन हुआ। गुरु खलीफाओं और विशिष्ट व्यक्तियों का हुआ पगड़ी पहना कर सम्मान। इस शानदार दंगल के लिए नीरज भड़ाना को बहुत बहुत बधाई

ENGLISH VERSION


Hind Kesri Vikram Pahlwan of Guru Jasram Akhada and Birju Pahlwan of Guru Badri Akhada battled for first prize in a great dangal at Harkesh Nagar in Delhi. The pair wrestled for twenty minutes but they were so equally matched that neither could scure the pin, so the match was declated a draw.
The wrestling competition was organised by Vikram Pahlwan, Leelu Pahlwan and many others of village Harkesh Nagar.
Member of Parliament Ramesh Bidhuri inaugurated the first prize bout.
Younger wrestlers had many chances to compete, among the winners were Neeraj Bhadana, Lalit, Azad, Akshya, and Sabir.
Chief guests included veteran wrestler ex MLA Sheeshpal Pahlwan, his son ex president Delhi University students Union Harsh Bidhuri, Councilor and wrestler Sahiram Pahlwan, BJP officials Vikram Bidhuri, and Leelu Pahlwan.
The ex coach of guru Jasram Akhada and other guru and wrestling coaches were honored. It was great moment for me also as I was honored by Hind Kesri Vikram Pahlwan, who was from my own akhada.

Oct 4, 2014

KUSHTI कुश्ती - DANGAL WITH WRESTLERS JEETU, AJAY, SUNIL, ETC.

By Deepak Ansuia Prasad













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टीकली , बाँस गाँव के महाबीर पहलवान ने , अपने गाँव और बादशाहपुर क्षेत्र के आस पास के गाँवों में खेलों के प्रचार प्रसार , खासतौर पर कुश्ती खेल के लिए एक बढ़िया कुश्ती दंगल का आयोजन किया जिसमे आस पास के गाँवों और दूर दराज से भी पहलवान गुरु खलीफा और दर्शकगण पहुंचे। कुश्ती दंगल में दर्शकों ने बढ़िया पहलवानो की कुश्तियां हुई जिसका दर्शकों ने भरपूर मजा लिया , और आने वाली युवा पीढ़ी को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा मिली। स्टार पहलवान जीतू, अजय सोहना , जाहुल मेवात , अन्नी घिटोरनी , आकाश नाथुपुर , आनंद पहलवान , विक्की मुझेड़ी से कुश्ती में भाग लेने अपने - 2 गुरु खलीफाओं के साथ पहुंचे। बादशाहपुर अखाड़े से रामावतार पहलवान व् खुद महाबीर पहलवान ने रेफेरशिप की जिम्मेवारी ली , उनकी टीम ने माइक संभाला व् नकद इनाम वितरित किये। दंगल में मुकेश शर्मा जी के छोटे भाई काले पहलवान मुख्य अतिथि रहे , उन्होंने दंगल कमिटी को नकद सहायता व् महाबीर पहलवान के अखाड़े को भी सहायता प्रदान की। मुकेश शर्मा व् भाई काले पहलवान का बहुत बहुत धन्यवाद , वे हमेशा कुश्ती खेल से जुड़े रहते हैं , और अपनी नेक कमाई से दंगल कमेटियों की मदद करते रहते हैं।
अजय और सुनील के बीच पहली कुश्ती शानदार रही , अजय अब अच्छे पहलवान हैं , गुरु हनुमान अखाड़े के भारी भरकम पहलवान सुनील के साथ उनकी कुश्ती देखने लायक थी , अजय ने सुनील पर बढ़िया अटैक लगाए , सुनील ने भी ख़ूबसूरती से बचाव किये। कुश्ती देर तक चली , अँधेरे के कारण कुश्ती को छुड़ा कर बराबर घोषित किया गया। दंगल कमेटी ने इनाम की राशि दोनों पहलवानो में बराबर बांटी।
वहीँ एक कुश्ती में आकाश ने अपने प्रतिद्वंदी को चित किया।
जीतू पहलवान की कुश्ती आसलवास रेवाड़ी के सुक्की पहलवान से हुई , और कुश्ती तय समय के अंत तक बढ़िया चली , कुश्ती के अंत में जीतू ने अटैक लगाया तो दोनों पहलवान फिसल कर जमीन पर गिर गए , जीतू ने फूर्ति से उठकर सुक्की को चित्त किया और कुश्ती व् इनाम जीता।
आनंद पहलवान ने दो कुश्तियां लड़ी , पहली कुश्ती में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी पहलवान को चरखा दांव पर चित्त किया और दूसरी कुश्ती उनकी जाहुल पहलवान से हुई , कहते हैं एक बार जाहुल पहलवान ने गुरु सतपाल अखाड़े के नामी पहलवान गूंगा को भी चित्त कर लिया था। जाहुल मेवात के बढ़िया पहलवान हैं , और उन्होंने आनंद को चरखा दांव पर ही आसानी से चित्त कर लिया।
रामवतार अखाड़े के एक पहलवान ने शानदार ढंग से कलाजंग पर अपने प्रतिद्वंदी पहलवान को चित्त किया और बहुत तालियां बटोरी।
मोगली पहलवान एक गरीब परिवार से हैं , कुश्ती में उन्हें काफी दिन हो गए हैं , कुश्ती कला में तो वे निपुण हैं पर मदद के अभाव में बमुश्किल कुश्ती का अभ्यास कर पाते हैं, इस बार उन्होंने तीन कुश्तियां लड़ी दो जीती और एक बराबर रही। मोगली जैसे अच्छे पहलवान की सहायता के लिए मै भी कुश्ती प्रेमियों से गुजारिश करूँगा।
इसी तरह छोटे और बाल पहलवानो के लिए ये एक बहुत अच्छा दिन रहा। उन्होंने कई कई बार कुश्तियां लड़ी और नकद इनाम बटोरे। इन बाल पहलवानो को लोगों के सामने कुश्ती दिखाने का जो अनुभव मिला , वो उन्हें उम्मीद और हौसला प्रदान करेगा और इन बच्चों में से ही कई आगे चलकर अच्छे पहलवान बनेंगे।
दंगल कमिटी ने सभी गुरु खलीफाओं , व् अतिथयों का पगड़ी पहना कर स्वागत किया।


ENGLISH VERSION


Star wrestlers Ajay, Akash, Sanjay, Jahul, and Jeetu were among the competitors at a wrestling competition organized by Mahabir Pahlwan of Village Teekli to promote the sport in his area as well as the villages of Badshahpur and Baans.

It was a small but very successful event. Wrestlers from many wrestling schools came to compete. The referee of the event was Ram Avtaar Pahlwan of Badshahpur and Mahabir Pahlwan himself looked over the matches.
Kala Pahlwan, brother of Mukesh sharma pandit ji, was the chief guest. He was pleased to see such a great gathering and contributed to the cash prizes and also donated some money to the local wrestling club.

The first prize match was between Ajay and Sunil. Ajay is from Sohna, Guru Inder Akhada, and Sunil is from Guru Hanuman Akhada, New Delhi. Ajay controlled Sunil, a heavy wrestler, but failed to pin him. The match went on for a long time and was finally called a draw. The cash prize was distributed between both the wrestlers equally.

The second prize match was between Jeetu Pahalwan of Guru Shyamlal Akhada, New Delhi and Sukki Pahalwan, Village Asalwas, Rewadi, Rajasthan. The wrestlers battled it out almost to the end of the allotted time, when in the last moments of the match, Jeetu attacked his opponent and pinned him. The dangal committee gave Jeetu a very good cash prize.

Anand pahalwan fought two matches. His first match was against a wrestler of Pandat Leetu akhada, whom he pinned easily with the "Charkha" technique. In the next match, Anand was up against Jahul of Mewat, a big, skilled wrestler, who I have heard once he pinned the famous wrestler Goonga Pahalwan of Chhtrsaal stadium. Jahul pinned Anand easily with the same "Charkha" technique Anand had beaten his previous opponent with.

A wrestler of Ramavtaar akhada, showed a very good wrestling technique called "kalajung" and pinned his opponent fast. He was cheered by his fans and village people, and was given a very good cash prize.

Moughli Pahalwan wrestled three matches, winning two while the other ended in a draw. Moughli is a good wrestler from a very poor background. I have been following his wrestling career since his childhood, and he seems to be getting even better.

It was also a very good day for juniors who got a chance to wrestle many matches.

Sep 27, 2014

INDIAN WRESTLING कुश्ती - KUSHTI DANGAL AT HATHRAS

By Deepak Ansuia Prasad




हाथरस दंगल

जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ तो भगवन शिव व् पार्वती भी ब्रज भूमि पर पधारे। जहाँ पर माता पार्वती रुकी वहां एक मंदिर बनाया गया है। यह मंदिर हाथरसी देवी के नाम से विख्यात हैं। शायद यही वजह हैं की ब्रज के इस भाग को हाथरस के नाम से जाना जाता हैं। यहीं काका हाथरसी भी पैदा हुए और ख्यातिप्राप्त कवि बने। राजा भोज व् उनकी अगली पीढ़ियों में राजा सदन व् उनके बेटे भूरि ने यहाँ पर भगवान कृष्ण के बड़े भाई दाऊ जी का एक विशाल काय मंदिर बनवाया। तब से यहाँ पर एक विशाल मेला लगता हैं जिसे हम हाथरस का मेला, दाऊ जी का मेला या लक्खी मेला के नाम से भी जानते हैं। मेले में सभी प्रकार के खेल - खिलोने , मेवे , मिठाइयां, खान, पान , खेल कूद , झूले , मनोरंजन आदि की बेहद भरपूर व्यवस्था रहती हैं। इसके अलावा आजकल काका हाथरसी ऑडिटोरियम में मनोरंजन के लिए नृत्य, नाटक, कव्वाली, शेरो शायरी , कविता पाठ, इत्यादि के अनेकों अनेक रंगारंग कार्यकर्म होते हैं। 100 वर्ष से भी पहले इस मेले में दंगल की शुरुआत की गई थी। इस दंगल की विशेषता है की यह दंगल रात भर चलता हैं , और 3 दिनों तक , दिन रात कुश्ती का प्रोग्राम चलता रहता हैं। कुश्ती की कवरेज करने मै दंगल के तीसरे और आखिरी दिन पहुंचा। दंगल के दूसरे दिन बिरजू ने मनीष को करासुल पर चित्त किया जिसकी काफी चर्चा हो रही थी। बिरजू ने साबित किया के वे आले दर्जे के उम्दा पहलवान हैं। तीसरे दिन कुश्ती रात भर होनी थी और मेरे लिए ये पहला अवसर था जब मै रात भर कुश्ती की कवरेज करता ।
दंगल की पहली कुश्ती नवीन मोर व् हितेन्दर बेनीवाल के बीच हुई। नवीन मोर गुरु हनुमान के शिष्य हैं , कुश्ती कला में पारंगत , भारत केसरी और अनेकों अनेक राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता। देश दुनिया में कुश्ती की कला और कौशल का प्रदर्शन कर उन्होंने हज़ारों हज़ार लोगों को रोमांचित किया हैं , समूचे कुश्ती जगत और देश को अपने इस लाडले सपूत पर गर्व हैं। पुलिस विभाग में उच्च अफसर के पद पर आसीन नवीन मोर को कुश्ती प्रेमी एक सभ्य और सज्जन पुरुष के रूप में भी जानते हैं। कुश्ती में उन्हें वर्षों का अनुभव हैं , और कुश्ती की बारीकियों से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने वर्ल्ड पुलिस गेम्स की एक ही इवेंट में ग्रीको रोमन और फ्रीस्टाइल का स्वर्ण पदक जीता। इसी तरह हितेन्दर बेनीवाल कुश्ती पटल पर तूफ़ान की तरह अपनी जगह बनाने वाले , यंग जनरेशन के भारत केसरी पहलवान हैं। जिन गुरुजनो ने भारत माता को ओलिंपिक चैंपियन सुशील कुमार, योगेश्वर , बजरंग , अमित जैसे विश्व प्रसिद्ध पहलवान दिए , उन्होंने ही हितेन्दर बेनीवाल को आज तूफानी पहलवान बना दिया हैं। कुश्ती में माहिर, हौसलों के बुलंद , अखाड़े में चट्टान की तरह खड़े होने वाले हितेन्दर बेनीवाल , इस बार हाथरस में गुरु हनुमान के शिष्य नवीन मोर से भिड़े , और कुश्ती ऐसी की कभी भी कहीं भी देखने को न मिले। दोनों पहलवान इतना भिड़े की शरीर से पसीना पानी की तरह बहने लगा, मिटटी शरीर के पसीने में मिलकर बह रही थी, जिससे पहलवानो को अटैक लगाने में परेशानी हो रही थी, उन्हें बार बार मिटटी लगानी पड़ती , कुश्ती आधा घंटे से ऊपर चली , कुछ अटैक हितेन्दर ने कुछ नवीन मोर ने लगाये , पर दोनों पहलवानो एक दूसरे के आक्रमणों को बचा गए , कुश्ती को आधा घंटे के बाद बराबर घोसित करना पड़ा। छुट्टी की दूसरी कुश्ती हरकेश व् हितेश पहलवान के बीच हुई। हरकेश उत्तर प्रदेश के स्टार पहलवान हैं, और हितेश भारत केसरी पहलवान दोनों की कुश्ती देखने की लगों में बड़ी उत्सुकता थी , ये कुश्ती भी बराबर रही। दंगल की तीसरी कुश्ती अमित नैन व् अमित बंटी गुरु हनुमान के बीच हुई , अमित नैन एक बेहतरीन पहलवान हैं और मेहरसिंघ अखाडा रोहतक में जोर करते हैं,वहीँ अमित बंटी गुरु हनुमान अखाड़े के पहलवान हैं। दोनों पहलवानो के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई , कुश्ती अमित गुरु हनुमान ने अपने नाम की , कुछ लोगों ने रेफ़री के निर्णय का विरोध किया , लेकिन दंगलों में रेफ़री का निर्णय अंतिम होता हैं।
इस तरह दंगल बहुत देखे पर पूरी रात भर दंगल हाथरस में ही देखा , सपा के बहुत बड़े नेता जी श्याम सुन्दर बंटी भैया ने पूरी रात कुश्तियां कराई। छुट्टी की कुश्ती सुबह 4 बजे हुई , बंटी भइया ने दंगल में सभी गुरु , खलीफाओं , कार्यकर्ताओं , विशिष्ट अतिथियों का मान सम्मान किया। दंगल में रात भर कुश्तियां चली। पण्डत जी श्याम सुन्दर बंटी भाई को बहुत बहुत बधाइयां।


ENGLISH VERSION


Long ago, King Bhoori Singh of Hathras and around constructed the temple of Balram, lovingly called dau ji. Every year a fair, or mela, is held that lasts 30 days. One can watch dance recitals, concerts, magic shows and many other things.

And for over 100 years a wrestling competition has been a big part of the festivities, with wrestlers from all over India coming here to participate. The dangal lasts for 3 days and wrestlers compete round the clock. This was my first chance to watch a wrestling competition from 9 pm till 6 am.
The first prize match was between Naveen Mor and Hitender Beniwal. Naveen is a disciple of Guru Hanuman. He is a very skilled traditional wrestler as well as a freestyle and Greco-roman wrestler. Last year he won gold medals in both greco and freestyle wrestling at the world police games. Hitender is a disciple of Guru Satpal at Chhtrsaal Akhda. Their match went on for more than 30 minutes with neither able to secure a fall. It was a hot night and both wrestlers were covered in mud by the time the referee declared the match a draw.
The second prize match was between Harkesh Pahlwan and Hitesh. Harkesh is known as Khali of Uttar Pardesh and he is big and heavy, while Hitesh is a Bharat kesri wrestler.
In the third prize match, Amit Nain of Mehar Singh Akhada and Amit Bunty of Guru Hanuman Akhada fought well. Amit Bunty succeeded in pinning Amit Nain.