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Oct 23, 2012

Rishipal Memorial Trust - Kushti Competition - Naya Baans

By Deepak Ansuia Prasad

18वां अखिल भारतीय ऋषिपाल मेमोरियल ट्रस्ट - कुश्ती दंगल गाँव नया बाँस , sec 15 नॉएडा











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नए बाँस में कुश्ती देखने के लिए बहुत गुरु खलीफाओं ने आमंत्रित किया और कई पहलवान मुझे लगातार पूछते रहे की नए बांस आ रहे हो ? इसलिए नए बांस में दंगल का मुझे भी इंतज़ार रहा ! और सभी पहलवानों को भी जिनकी कुश्तिया वहां बंधी थी ! आजकल पहलवानों की एक बहुत बड़ी भीड़ दंगल में पहुँच जाती हैं, और सभी अपनी -2 कुश्ती कराने के लिए हंगामा कर देते हैं, जिससे कभी -2 दंगल में दर्शकों को कुश्ती देखने में बड़ी परेशानी का होती हैं , अक्सर दंगल कमेटियां जो की दंगल में इनाम की राशि का इंतजाम लोगों से चंदा इकठा कर के करती हैं, उनके पास इतना धन नहीं होता की वे सबकी कुश्ती करा सकें , या कभी -2 धन होता हैं तो समय नहीं होता! खैर ये सब इसलिए कह रहा हूँ की बंधी कुश्तियां इन परेशानी से बचा जाती है क्योंकि कुश्तियां की संख्या , इनाम, और कौन पहलवान किससे लड़ रहा है पहले तय हो जाता है ! इस दंगल में भी कुश्तिया बंधी थी अतः दंगल में पहलवानों कुश्ती करने के लिए मारामारी नहीं देखनी पड़ी !

दंगल में कुश्तिया इंडियन स्टाइल में , मैट पर होनी थी , दंगल में इंतजाम अच्छा था , sec 15 के पीछे नया बांस गाँव के पार्क में मैट बिछाया गया था , पार्क में हरी घास पर दर्शक आराम से बैठ सकते थे, पार्क के बीचों बीच हाई मास्क लाइट रात में कुश्तियां कराने में मदद कर सकती थी , इसी प्रकार एक और मुख्या अतिथियों के लिए विशाल मंच बनाया गया था , तथा उसके नीचे ही गुरु खलीफाओं के लिए कुर्सियां लगी थी , तथा प्रेस व् मीडिया के लिए भी एक और कुर्सियों की व्यवस्था थी , इस प्रकार के इंतजाम दंगलों में जरूरी हैं क्योंकि इससे दंगल कराने का उद्धेश्य पूरा हो जाता हैं !

दंगल में बीचों बीच ऋषिपाल जी की फोटो लगाईं गई जिनको दंगल में आये सभी लोगों ने श्रधान्जली दी , उनके परिवार , सम्बन्धियों, और उनके नाम से कमेटी चला रहे लोगों को मेरी तरफ से हार्दिक धन्यवाद जिन्होंने एक अच्छे समाजसेवी , पहलवान के नाम को याद किया और उनकी याद में प्रति वर्ष दंगल कराते हैं !

दंगल में कुश्तिया चित्त पट्ट के आधार पर थी और समय 5, 8, 10. 15 मिनट रखा गया था , जांघिया पकड़ना फ़ाउल था , तीन बार पहलवान के आवाज लगी और पहलवान न आया तो उसे दंगल से बार कर देने का रूल भी था , इसी प्रकार केवल बंधी कुश्तियों को कराने का ही रूल था , हालांकि बच्चों के उत्साह वर्धन के लिए उनकी कुश्तियां परंपरागत तरीके से ही की गई थी ! जैसे की आप जानते हैं जब एक पहलवान अपने प्रतिद्वंदी को पीठ के बल इस प्रकार चित्त करता है की उसके दोनों खभे जमीन पर हों और मुंह आसमान की और तो चित्त माना जाता हैं , ये ओलम्पिक कुश्तियों से भिन्न है जिसमे कुश्तियां अंकों के आधार पर होती हैं ! इंडियन स्टाइल कुश्तियों में बराबर रहने की संभावना ज्यादा होती हैं क्योंकि यदि समय पर पहलवान कुश्ती का निर्णय नहीं कर सके तो उन्हें बराबर घोषित कर कुश्ती का इनाम एक चौथाई कर उनमे आधा -2 बाँट दिया जाता हैं , या कभी -2 दंगल कमेटियाँ बराबर रहने पर कोई इनाम नहीं देती !

ऋषिपाल मेमोरियल ट्रस्ट में निम्नलिखित पदाधिकार रहे

सत्य प्रकाश चौहान , धर्मवीर , किरपा राम शर्मा , हरिओम बैसोया , अतर सिंह , मास्टर केसरी सिंह , रामपाल सिंह, साबराम सिंह , परकाश पहलवान, सुशील कुमार रोशन लाल गुप्ता महिंदर सिंह अवाना माता प्रसाद तिवारी , पूरण सिंह पवार , जहाँ सिंह नागर ,चौधरी राजकुमार , राजू बक्षी , श्री प्रसादी प्रधान , दिनेश कुमार शर्मा , नरेश चाँद गुप्ता , राजिंदर सिंह, मनीष खुराना इत्यादि !

दंगल में मुख्या अतिथी इस प्रकार रहे

क्रिकेटर चेतन चौहान , गुरु जसराम, गुरु राजकुमार गोस्वामी , द्रोणाचार्य महा सिंह , हिंदी केसरी जय , नवाब सिंह नगर , सुखबीर यादव , सुभाष चौहान, गजराज नगर, रघुराज सिंह नागर प्रेम सिंह, सतबीर , सहीराम , खलीफा रूपचंद तुगलकाबाद , जगत सिंह अवाना, अमित बैसला, अखिलेश राणा , राजकुमार नागर, धरमेंदर , चन्दगी राम यादव, इंदरजीत नॉएडाविकास प्राधिकरण, भगवत स्वरुप, हरिपाल पहलवान नाथूपुर राजिंदर पहलवान घिटोरनी , शिरी पहलवान गुरु हनुमान अखाडा इत्यादि खलीफा चरण सिंह !

कुश्तियां

छुट्टी की पहली कुश्ती 50000/- रुपये नकद इनाम के लिए गुरु हनुमान के शिष्य और हिन्द केसरी व् कई बार भारत केसरी रहे राजीव तोमर व् दिल्ली केसरी व् कई राष्ट्रीय व् अंतराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में देश का नाम रोशन कर चुके गुरु जसराम के शिष्य निशांत राजपूत के बीच लड़ी गई ! कुश्ती का उद्घाटन सभी मुख्य अतिथ्यों ने किया ! कुश्ती पूरे 15 मिनट तक चली जिसमे कई बार राजीव तोमर ने निशांत को , और इसी प्रकार निशांत ने राजीव तोमर को नीचे बैठाया , दोनों पहलवान ने अपने पूरे जोर लगाए लेकिन कुश्ती का निर्णय न हो सका , समय ख़तम होने पर कुश्ती भी बराबर घोषित की गई और इनाम की राशि को दोनों पहलवानों में बराबर बाँट दिया गया !

छुट्टी की दूसरी कुश्ती विक्रम पहलवान गुरु जसराम और पंजाब केसरी कर्मा पहलवान के बीच लड़ी गई , दोनों ही अछे पहलवान हैं, विक्रम पहलवान ने कर्मा पहलवान को महज़ दो मिनट में चित्त कर कुश्ती व् इनाम दोनों अपने नाम कर दर्शकों से खूब वाह वाही भी बटोरी !

दंगल की एक कुश्ती गुरु श्याम लाल घिटोरनी के शिष्य व् पुत्र जीतू पहलवान व् गुरु सुखबीर के शिष्य सोनू पंडित पहलवान के बीच लड़ी गई , कुश्ती दमदार रही, और दंगल में अधिकतर लोग कुश्ती का निर्णय जाने के उत्सुक थे , पिछले वर्ष सर्फाबाद मे सोनू से कुश्ती लड़ते समय जीतू पहलवान के घुटने में लगी चोट और फिर हुए आपरेशन ने जीतू को लगभग एक साल के लिए बाहर कर दिया था , सोनू के लिए जीतू को हारने का एक अच्छा मौका था , दोनों पहलवान कुश्ती दमखम से लड़े , सोनू ने जीतू को पटकने के बड़ी कोशिश के लेकिन व्यर्थ रहा इसी प्रकार जीतू ने भी एक दो अछे दांव लगाए लेकिन सोनू ने फुर्ती से बचाव कर लिया ,समय ख़तम होने पर कुश्ती को बराबर घोषित कर दिया गया !

बबीता और सोनू पहलवान की कुश्ती भी मनोरंजक रही जिसमे बबिता ने सोनू को चित्त कर इनाम की राशि और दर्शकों की भरपूर तालियाँ बटोरी ! इसी प्रकार महिलाओं की कुश्ती में अन्तराष्ट्रीय पहलवान ज्योति ने चैम्पियन नेहा पहलवान को चित्त कर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया और इनाम की राशियाँ और दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरी !

अनिल और अदन की कुश्ती भी देखने लायक थी , अदन पहलवान हालांकि अनुभव व् उम्र में अनिल से कम है, लेकिन वह अनिल पर खूब हावी रहा और अनिल को बचाव की मुद्रा में ही कुश्ती लड़नी पड़ी जो की समय ख़तम होने पर बराबर घोषित की गई !

गुरु श्याम लाल के शिष्य रवि और गुरु जसराम के शिष्य नीरज के बीच एक अछि कुश्ती लड़ी गई , नीरज एक अच्छा , हंसमुख व् शांत पहलवान है , इन बातों के ठीक उलट नीरज ने रवि को गले से चोक कर कुश्ती अपने पक्ष में की जिसके दंगल के लोगों ने पसंद नहीं किया और रवि के गुरु हरिपाल ने नीरज इस कार्य की निंदा की !

जाने माने बेदु पहलवान के पुत्र और गुरु जसराम के शिष्य ललित व् गुरु श्याम लाल के शिष्य अन्नी के बीच कुश्ती आकर्षक रही जिसमे ललित ने अन्नी को चित्त कर कुश्ती अपने पक्ष में की

इस प्रकार पूरे दंगल में 37 कुश्तियां हुई, जो बड़े शांति से सुचारू रूप से संपन्न हुई , दंगल में आये गुरु खलीफाओं , अतिथियों , व् दंगल कमेटी के प्रमुख सदस्यों ने कुश्तियों का उदघाटन किया , उनका उचित सम्मान भी किया गया ! न्यूजीलैंड से आये मेरे एक मित्रे टेरेंस ब्राउन ने भी एक कुश्ती का उदघाटन किया और उन्हें एक शाल भेंट कर दंगल कमेटी ने सम्मान किया !

कुश्तिया ख़तम होने पर दंगल कमिटी ने दंगल में आये सभी लोगों को धन्यवाद दे कुश्ती दंगल ख़तम होने की धोषणा की






ENGLISH VERSION

Many wrestlers, coaches and wrestling lovers kept me asking if I would come to naya baans to cover the kushti dangal.
My friend Terrence Brown from New Zealand was traveling in India and he wanted to watch a wrestling competition. So we met and headed towards sector 15 NOIDA, the venue of the wrestling competition. When we reached there the preparation for the competition were almost completed. The dangal committee welcomed us and we took our place marked for the press.
Guru Jasram has already told me to cover the dangal for the kushtiwrestling website and informed me that the dangal will be on mat. It would be an Indian style wrestling competition in which the winner is decided solely on the basis of pin. There would be one round only for five, ten, fifteen minutes each for junior, middle and senior wrestlers.
If the time runs out before either wrestlers pins the other, the match is called a draw and the wrestlers are given consolation prize money which sometimes is 1/4th of the total prize money.
When a wrestler wins he is given the whole cash prize. The cash prizes are collected by the dangal committee.

The Rishipal Memorial Trust has many many members, including:
Satya prakash chauhan, Dharmveer, Kripa Ram Sharma, Hariom Kasana, Attar singh, Master kesri singh, Rampal singh, Sabram bhati, Prakash, Susheel kumar, Roshan lal gupta, Mahiner singh awana, Mata Prasad tiwari, Pooran singh nagar, Jahan singh nagar, Ch. Rajkumar, Raju bakshi, Shri prasadi pradhan, Dinesh kumar Sharma, Naresh chand gupta, Rajinder singh ji, Manish karhana

The main guests at the competition were:
Cricketer chetan chouhan, Guru Jasram, Guru rajkumar goswami, Dronacharya maha singh rao ji, Hind kesri jaiprakash Pahlwan, Nawab singh nagar, Sukhbeer yadav, Subhash chauhan , gajraj nagar raghuraj singh nagar, Prem singh, Satbeer pahlwan, Sahiram ji, Roopchand tughlakabad, Jagat singh awana, Amit baisla, Akhilesh rana, Rajkumar nagar, Dharmender, Chandgi ram yadav, Inderjeet – NOIDA devp authority

The wrestling gurus who came to watch the competition and honored were:
Guru Jasram, Guru dronacharya maha singh rao, Jagbeer, Bhgwat swaroop, Rajkumar goswami, Haripal, Shyamlal, Sukhbeer yadav

Rrefree of the dangal committee were:
Ajeet Man, Jagbeer, Khalifa charan singh, Sumer singh, Jaikaran

Matches:
First Prize match for Rs. 50,000/- between Hind Kesri Rajeev Tomar of Guru Hanuman Akhada and Nishan Rajpoot of Guru Jasram Akhada
The match was inaugurated by the chief guests and main dignatories incluing cricketer chetan chauhan, guru jasram, guru maha singh rao, president of dangal committee . the match was scheduled for 15 minutes. Rajeev tomar is an Olympian wrestler who is hind kesri wrestler and has won the bharat kesri title for 32 times. Nishant pahlwan is delhi kesri and has also competed in many international events. He is a very good wrestler and has fought with every Indian wrestler fighting for first prize.
There match continued with each of them judging each other and attacking and defending. Their match continued for 15 minutes and neither of them could score a win. The match was declared a draw and the prize was divided between both the wrestlers.

Second match of 15000/- rupees between Vikram pahlwan of Guru Jasram Akhada and Karma pahlwan
Karma is a very good wrestler from Punjab, but Vikram pinned him in just two minutes with crowds cheering for him.

Jitu Pahlwan guru shyam lal akhada vs Sonu Pandat of sukhbeer akhara
Jitu pahlwan is a great wrestler from guru shyamlal akhada and almost always wins all his matches. He was injured in a match last year and had to have surgery, which also meant he had to take a break from wrestling for a while year. But now he has recovered and has started wrestling again.
The two were evenly matched and wrestled the full allotted time, so the match was declared a draw.

Anil vs Adan
This match went on for a long time. Adan gained control but could not turn Anil over to pin him. The time ran out and the match was declared a draw.

Ravi vs Neeraj Bhadana
Neeraj pinned Ravi with a kind of choke hold. Ravi’s coach protested that he hold was illegal, but the match was given to Neeraj.

Lalit of guru jasram akhada vs anni
Anni often pins his opponents within a few seconds of the match, but Lalit was too skilled an opponent for that to happen and Lalit managed to pin Anni and win the match.

Women’s bouts
Babita vs sonu:Babita is an international wrestler who fought with a local girl and pinned her easily and won 11000/- prize money.
Jyoti pahwlan vs neha pahlwan: Jyoti is an international wrestler while neha is a national champion in her weight category. babita was put in a danger position but saved herself and pinned neha.














































































































































































1 comment:

Terence Brown said...

It was such a great day, seeing these pictures brings it all back, thanks Ansuia.